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गहन सामाजिक सन्देश वाली फिल्म ‘अस्सी’ सिनेमाघरों में चर्चा में

गहन सामाजिक सन्देश वाली फिल्म ‘अस्सी’ सिनेमाघरों में चर्चा में

तापसी पन्नू और कनी कुश्रुति की मुख्य भूमिकाओं वाली अनुभव सिन्हा निर्देशित फिल्म अस्सी 20 फ़रवरी 2026 को रिलीज़ हुई और यह फिल्म अपने सामाजिक संदेश, संवेदनशील विषय और सच्चाईपूर्ण प्रस्तुति के कारण रिलीज होते ही चर्चा में आ गई। फिल्म को एक कोर्टरूम ड्रामा के रूप में पेश किया गया है, जिसमें रेप पीड़ित महिलाओं के जीवन, उनके संघर्ष, न्याय व्यवस्था की कमज़ोरियों और समाज के रूढ़िवादी रवैये को पर्दे पर उतारा गया है। फिल्म की कहानी भारतीय समाज में महिलाओं के प्रति मौजूद कई जटिलताओं और उनके हक की लड़ाई को दर्शाती है।

अस्सी का नाम ही दर्शाता है कि भारत में हर रोज़ लगभग 80 यौन हमले की घटनाएँ होती हैं। फिल्म की शुरुआत में यह तथ्य प्रस्तुत किया गया है, जिससे दर्शक सीधे उस गंभीर सामाजिक समस्या से रूबरू होते हैं। कहानी एक स्कूल टीचर पर हुए गंभीर गैंगरेप की घटना के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसके बाद उसकी जीवन यात्रा और न्याय की खोज को बड़े संवेदनशील और वास्तविक ढंग से दिखाया गया है। इस यात्रा में यह साफ़ दिखाया गया है कि पीड़िता केवल अपराध की शिकार नहीं होती, बल्कि समाज और प्रशासन के कई स्तरों पर उसे न्याय पाने के लिए संघर्ष करना पड़ता है।

तापसी पन्नू ने फिल्म में एक वकील की भूमिका निभाई है, जो पीड़िता का केस लड़ती है। उनके किरदार ने न केवल अदालत में केस लड़ने का साहस दिखाया है, बल्कि समाज को आईना दिखाने का भी काम किया है। फिल्म के कई दृश्य दर्शकों के लिए सोचने पर मजबूर करने वाले हैं, खासकर जब न्यायपालिका की धीमी प्रक्रिया, सामाजिक पूर्वाग्रह और मीडिया की भूमिका को दिखाया गया है। वहीं, कनी कुश्रुति का किरदार भी कहानी में संवेदनशील और मजबूत महिला के रूप में सामने आता है, जो पीड़ित महिलाओं की भावनाओं को समझने और उनका समर्थन करने में सक्रिय रहती हैं।

फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसके सच्चाईपूर्ण चित्रण और सामाजिक संदेश हैं। इसमें दिखाया गया है कि कैसे पीड़ित महिलाओं को समाज में कई बार अलग-थलग कर दिया जाता है, और उन्हें न्याय पाने के लिए मानसिक और शारीरिक संघर्ष दोनों करना पड़ते हैं। फिल्म की पटकथा ने इसे अधिक प्रभावशाली बनाया है, क्योंकि यह केवल अपराध या न्याय की कहानी नहीं है, बल्कि यह समाज की मानसिकता और उस बदलाव की आवश्यकता पर भी प्रकाश डालती है। अनुभव सिन्हा ने फिल्म में संवेदनशील और ट्रिगरिंग विषयों को बड़े ही सावधानी से पेश किया है।

फिल्म में अभिनय की बात करें तो तापसी पन्नू ने अपनी भूमिका में गहराई और भावुकता का बेहतरीन प्रदर्शन किया है। उनकी प्रस्तुति दर्शकों को सीधे पीड़िता की भावनाओं से जोड़ देती है। वहीं, कनी कुश्रुति और अन्य सहायक कलाकारों ने भी अपने किरदारों को प्रभावशाली ढंग से निभाया है। फिल्म का निर्देशन और सिनेमेटोग्राफी इसे और भी वास्तविक बनाती है। कोर्टरूम की दृश्यावली, गंभीर संवाद और पात्रों की संवेदनशील प्रतिक्रिया दर्शकों को पूरी तरह कहानी में बांध देती है।

हालांकि फिल्म की कठिन और संवेदनशील सामग्री सभी के लिए आसान नहीं है, फिर भी समीक्षकों ने इसे ज़रूरी और प्रभावशाली बताया है। कुछ समीक्षकों ने कहानी के दूसरे भाग में गति और मजबूती की कमी की ओर भी ध्यान दिलाया है, लेकिन इसके बावजूद फिल्म का सामाजिक संदेश अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फिल्म ने यह साबित किया है कि सिनेमा सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज में बदलाव और संवेदनशील मुद्दों पर जागरूकता फैलाने का भी एक शक्तिशाली जरिया हो सकता है।

कुल मिलाकर, अस्सी एक साहसिक, भावनात्मक और सामाजिक रूप से महत्वपूर्ण फिल्म है। यह न केवल रेप पीड़ित महिलाओं की वास्तविक समस्याओं को सामने लाती है, बल्कि दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है कि कैसे समाज और न्याय व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है। फिल्म के माध्यम से अनुभव सिन्हा ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि न्याय और समानता सिर्फ कानूनी अधिकार नहीं हैं, बल्कि हर नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी भी है कि वह पीड़ितों के हक में खड़ा हो।

यदि चाहो तो मैं इस फिल्म की कहानी, पात्र और कोर्टरूम सीन की और विस्तृत सिनॉप्सिस भी 800-1000 शब्दों में बना सकता हूँ, जिससे पूरी कहानी विस्तार से समझ में आए।

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ग्वालियर फैक्ट्री संचालक का प्लॉट हड़पने का मामला

ग्वालियर फैक्ट्री संचालक का प्लॉट हड़पने का मामला

ग्वालियर एक फैक्ट्री संचालक को मृत बताकर उनके न्यू लोहा मंडी स्थित 62 लाख रूपए के प्लॉट का कुछ लोगों ने बयनामा करा दिया। इसके लिए उन्होंने फजी दस्तावेज तैयार करवाएं थे। जब संचालक को इस धोखेबाजी का पता चला तो वह हरियाणा से ग्वालियर आया। पुलिस को बताया कि वह तो जीवित है। जबकि उसे मृत बताकर कुछ लोगों ने उसका प्लॉट हड़प लिया है। पुलिस ने संचालक की शिकायत पर छह लोगों पर मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

दरअसल फरियादी प्रेम कुमार पूर्व में ए-1 गाधी नगर में अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रहते थे। उनकी एक फैक्ट्री यूनिवर्सल ओटो नाम से इण्डिल्ट्रीयल स्टेट विरला नगर में थी। जहां पर एसकर्ड को कम्पनी को राजदूत ओर्जीनल पार्टस् सप्ताई करता था। उनकी एक बेटी आरती कपूर पत्त्री सुनील कपूर के साथ लन्दन में रहती है। दूसरी बेटी विभूती ग्रोवर गुरुग्राम में निवास कर रही है। उनका एक प्लॉट ए-1, 23 जो कि ट्रांसपोर्ट नगर न्यू दाल बाजार नवीन लोहा मंडी यातायात नगर में है। जिसकी वर्तमान कीमत करीब 62 लाख 10 हजार रूपए है। इस प्लॉट पर सुभाषचन्द्र खुशीरमानी की नियत डोल गई। सुभाषचन्द ने फर्जी वसीयत और कूटरचित वसीयतनामा बना लिया। जिसे नोटरी गोविन्द भारद्वाज से सम्पादित कराया। जिस पर प्रेम कुमार को फोटो लगाकर अटेस्टेड करा लिया। उक्त वसीयतनामे पर सुभाष खुशीरमानी द्वारा हरीश कुमार निकासी सिकन्दर कम्पू लश्कर एवं हरीश कुमार निवासी तारागंज द्वारा एक राय होकर व सम्पत्ति हडप करने की नियत से उनका मृत्यु प्रमाण पत्र सहित कूटरचित दस्तावेज तैयार किए। जब प्रेमकुमार को पता चला तो विश्वविद्यालय थाने पहूचे ओर शिकायत पुलिस फरियादी की शिकायत पर
सुभाषचन्द खुशीरमानी, शकुन्तला खुशीरमानी, हरीश कुमार, हरीश कुमार,जगदीश कुशवाह, योगेश पाल, के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शरू कर दी हैं।

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ग्वालियर में प्रदेश स्तरीय किसान सम्मेलन: विकास और परंपरा का संगम

ग्वालियर में प्रदेश स्तरीय किसान सम्मेलन: विकास और परंपरा का संगम

ग्वालियर जिले के कुलैथ गांव में **प्रदेश स्तरीय किसान सम्मेलन** का भव्य आयोजन किया गया। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कृषि कल्याण वर्ष के पहले किसान सम्मेलन का शुभारंभ किया और किसानों को शुभकामनाएं दीं।  

सम्मेलन की प्रमुख झलकियाँ  
- मुख्यमंत्री ने मंच से लगभग **88 करोड़ रुपए की लागत वाले विकास कार्यों** का भूमि पूजन और लोकार्पण किया।  
- सरकारी योजनाओं के हितग्राहियों को मंच से हितलाभ वितरित किए गए।  
- मुख्यमंत्री ने रोड शो के माध्यम से किसानों और ग्रामीणों का अभिवादन किया।  
- मंच से उन्होंने **कृषि क्षेत्र से जुड़े पारंपरिक खेलों** जैसे बैलगाड़ी दौड़, घोड़ी दौड़ और नाल उठाने की प्रतियोगिताओं का आनंद लिया।  
- सांस्कृतिक कार्यक्रमों में कन्हैया लोकगीत की प्रस्तुति ने माहौल को और जीवंत बना दिया।  

मुख्यमंत्री की घोषणाएँ  
किसान सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं:  
- किसानों के लिए **1 लाख करोड़ से अधिक की सौगात** बजट में दी गई।  
- दूध उत्पादन को 9% से बढ़ाकर 20% करने का लक्ष्य रखा गया।  
- आठवीं तक के बच्चों को दूध उपलब्ध कराने की योजना।  
- किसानों को भू अधिकार पट्टे की रजिस्ट्री का खर्च सरकार वहन करेगी।  
- सोलर पंप का प्रावधान किसानों के लिए किया गया।  
- 25 से 200 गौमाता तक डेयरी कार्य करने वाले किसानों को 10 लाख की सहायता।  
- लाडली बहनों के लिए बजट में 23 हजार करोड़ की राशि का प्रावधान।  

क्षेत्रीय मांगों पर घोषणाएँ  
मुख्यमंत्री ने कुलैथ और आसपास के क्षेत्र की मांगों को भी मंजूरी दी:  
- महेश्वरा पत्थर खदान को चालू कराने के लिए भारत सरकार से बात की जाएगी।  
- डांडे बाबा मंदिर तक सड़क और बिजली ट्रांसफर लगाया जाएगा।  
- भगवान जगन्नाथ धाम मंदिर में ठहरने के लिए भवन और सड़क का निर्माण।  
- कुलैथ में खेलने के लिए मैदान का निर्माण।  
- कुलैथ क्षेत्र में उद्योग लगाने की घोषणा।  
- प्रत्येक कन्हैया टीम को 5 हजार रुपए और बैलगाड़ी टीमों को 21 व 11 हजार रुपए की राशि देने की घोषणा।  

सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व  
यह आयोजन केवल किसान सम्मेलन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ग्रामीण संस्कृति और परंपरा का उत्सव भी बना। विकास कार्यों की घोषणाओं के साथ-साथ पारंपरिक खेलों और लोकगीतों ने ग्रामीण जीवन की झलक प्रस्तुत की।  

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घूसखोर पंडित फिल्म विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने नाम बदलने का आदेश दिया

घूसखोर पंडित फिल्म विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने नाम बदलने का आदेश दिया

"घूसखोर पंडित" नामक फिल्म को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। फिल्म के शीर्षक पर आपत्ति जताई गई कि यह किसी विशेष वर्ग को बदनाम करता है और समाज में गलत संदेश देता है। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, जहां याचिकाकर्ताओं ने दलील दी कि इस तरह का नाम धार्मिक भावनाओं को आहत करता है और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ सकता है।  

सुप्रीम कोर्ट का आदेश  
सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि किसी भी फिल्म का शीर्षक ऐसा नहीं होना चाहिए जो किसी वर्ग, समुदाय या पेशे को बदनाम करे। अदालत ने फिल्म निर्माताओं को निर्देश दिया कि वे नया नाम सुझाएँ और उसी के बाद फिल्म रिलीज की अनुमति दी जाएगी।  

अदालत की टिप्पणी  
- कोर्ट ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का मतलब यह नहीं है कि किसी वर्ग को अपमानित किया जाए।  
- फिल्में समाज पर गहरा असर डालती हैं, इसलिए निर्माताओं को जिम्मेदारी के साथ काम करना चाहिए।  
- नया नाम प्रस्तुत करने के बाद ही सेंसर बोर्ड फिल्म को पास करेगा।  

असर और प्रतिक्रियाएँ  
- फिल्म निर्माताओं ने कहा कि वे अदालत के आदेश का सम्मान करते हैं और जल्द ही नया नाम पेश करेंगे।  
- धार्मिक और सामाजिक संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है।  
- फिल्म इंडस्ट्री में भी यह चर्चा शुरू हो गई है कि शीर्षक चयन में अधिक संवेदनशीलता बरती जानी चाहिए।  
 

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ग्वालियर में महाशिवरात्रि की तैयारियाँ: अचलेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों की सुरक्षा और व्यवस्था पर जोर

ग्वालियर में महाशिवरात्रि की तैयारियाँ: अचलेश्वर महादेव मंदिर में भक्तों की सुरक्षा और व्यवस्था पर जोर

रविवार, 15 फरवरी को देशभर के साथ ग्वालियर में भी महाशिवरात्रि पर्व पूरे श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर अचलेश्वर महादेव मंदिर में हजारों भक्तों के आने की संभावना है।  

प्रशासनिक व्यवस्था  
भक्तों को भगवान के दर्शन सुचारू रूप से हो सकें, इसके लिए प्रशासन ने विशेष तैयारियाँ की हैं।  
- 14 फरवरी की रात से ही पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी मंदिर परिसर में तैनात रहेंगे।  
- मंदिर प्रबंध समिति ने 90 वालेंटियर नियुक्त किए हैं, जो मंदिर में व्यवस्थाओं को संभालेंगे।  
- इस बार मंदिर के आसपास डीजे पर प्रतिबंध रहेगा ताकि धार्मिक माहौल शांतिपूर्ण बना रहे।  
- भक्त कतारबद्ध होकर मंदिर में प्रवेश करेंगे और दर्शन करेंगे।  

प्रसाद वितरण और मांगें  
अचलेश्वर मंदिर न्यास ने मंदिर के आसपास प्रसाद वितरण की पूर्व व्यवस्था बनाए रखने की मांग की है। इस संबंध में न्यास के सदस्य महेंद्र भदकारिया ने सीएसपी रोबिन जैन को अवगत कराया।  

पुलिस का आश्वासन  
सीएसपी रोबिन जैन ने कहा कि प्रशासन का प्रयास रहेगा कि महाशिवरात्रि महापर्व पर आने वाले सभी भक्त बिना किसी व्यवधान के भगवान के दर्शन कर सकें। इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।  

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भारत का बड़ा ऊर्जा फैसला: अब रूस नहीं, अमेरिका से खरीदेगा ज्यादा तेल

भारत का बड़ा ऊर्जा फैसला: अब रूस नहीं, अमेरिका से खरीदेगा ज्यादा तेल

भारत ने हाल ही में अमेरिका के साथ हुए नए ट्रेड डील के बाद तेल आयात नीति में बड़ा बदलाव किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि भारत ने रूस से तेल खरीदना बंद करने और अमेरिका से अधिक क्रूड ऑयल आयात करने पर सहमति जताई है। यह फैसला लंबे समय से चले आ रहे व्यापारिक दबाव और टैरिफ विवादों के बाद लिया गया है।  

पृष्ठभूमि  
- अमेरिका ने रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद लगातार भारत पर दबाव बनाया था कि वह रूस से तेल खरीदना बंद करे।  
- नई ट्रेड डील के तहत भारत को अमेरिकी बाजार में निर्यात पर टैरिफ में छूट मिलेगी, जिससे वस्त्र और ज्वेलरी जैसे सेक्टर को बड़ा फायदा होगा।  
- हालांकि भारत ने आधिकारिक तौर पर रूस से तेल खरीद बंद करने की पुष्टि नहीं की है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस पर अंतिम बयान विदेश मंत्रालय देगा।  

आर्थिक असर  
- अमेरिकी क्रूड ऑयल आयात बढ़ने से भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ेगा, क्योंकि रूस से मिलने वाला तेल अपेक्षाकृत सस्ता था।  
- मूडीज़ ने चेतावनी दी है कि अचानक रूसी तेल आयात बंद करने से भारत की आर्थिक वृद्धि पर दबाव पड़ सकता है और महंगाई बढ़ सकती है।  
- दूसरी ओर, अमेरिकी बाजार में भारतीय निर्यात को बढ़ावा मिलेगा, जिससे व्यापार संतुलन में सुधार की संभावना है।  

राजनीतिक महत्व  
यह फैसला भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अमेरिका इसे रणनीतिक जीत के रूप में देख रहा है, जबकि भारत इसे व्यापारिक लाभ और वैश्विक दबाव के बीच संतुलन बनाने की कोशिश के रूप में पेश कर रहा है।  

यह भारत की ऊर्जा नीति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार संबंधों में बड़ा बदलाव दर्शाती है। एक ओर यह अमेरिका के साथ रिश्तों को मजबूत करती है, वहीं दूसरी ओर रूस से दूरी बनाने के चलते भारत को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।  
 

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ग्वालियर में नाबालिग की आत्महत्या: मां के प्रेमी की प्रताड़ना से तंग आकर उठाया खौफनाक कदम

ग्वालियर में नाबालिग की आत्महत्या: मां के प्रेमी की प्रताड़ना से तंग आकर उठाया खौफनाक कदम

ग्वालियर के बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के मानपुर मल्टी में 21 सितंबर 2025 को एक दर्दनाक घटना सामने आई। 15 वर्षीय सोनम जाटव ने मां के प्रेमी द्वारा लगातार प्रताड़ना और मारपीट से तंग आकर तेजाब पी लिया। उसकी तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उसने तेजाब का सेवन किया है।
पुलिस और तहसीलदार मौके पर पहुंचे और नाबालिग से बयान दर्ज किए। सोनम ने बताया कि हसनपुरा बिजौली निवासी अनिल जाटव उसे लंबे समय से प्रताड़ित कर रहा था, जिससे तंग आकर उसने यह कदम उठाया। इलाज के दौरान सोनम ने दम तोड़ दिया।
पुलिस कार्रवाई
सोनम के मरणासन्न बयान और जांच के आधार पर पुलिस ने आरोपी अनिल जाटव के खिलाफ आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का मामला दर्ज किया। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने बिजौली में दबिश दी, लेकिन वह वहां से फरार हो गया। बाद में सूचना मिली कि वह टीपी नगर में छिपा हुआ है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया और आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी।
पारिवारिक पृष्ठभूमि
जानकारी के अनुसार, मृतका की मां का विवाह पहले छिंदवाड़ा निवासी एक युवक से हुआ था और उसके दो बच्चे भी थे। बाद में उसने पति को छोड़ दिया और अनिल जाटव के साथ प्रेम संबंध में रहने लगी। इसी दौरान सोनम को अनिल की प्रताड़ना का सामना करना पड़ा, जो अंततः उसकी मौत का कारण बनी।

यह घटना समाज में पारिवारिक रिश्तों और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यह न केवल कानून व्यवस्था बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी का भी मुद्दा है, जहां नाबालिगों को सुरक्षित माहौल देना सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए।

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इजराइल ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया: तेहरान में विस्फोट

इजराइल ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया: तेहरान में विस्फोट
इजराइल ने सुबह-सुबह तीन बार ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया, जिसमें ईरान की राजधानी तेहरान और कई अन्य शहर शामिल हैं। इजरायली रक्षा बल (IDF) ने कहा कि ये हमले ईरान द्वारा इजरायल पर किए गए मिसाइल हमलों के जवाब में किए गए और इजरायल का भी कहना है कि यह हमला ईरान के सैन्य ठिकानों पर उनकी सुरक्षा के लिए किया गया है। इस हमले के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की धमकी भी दी है। इस घटना से इजरायल और ईरान के बीच तनाव और बढ़ सकता है पहली लहर ईरानी वायु रक्षा प्रणाली पर केंद्रित थी, जबकि दूसरी और तीसरी लहर मिसाइल और ड्रोन ठिकानों और उत्पादन स्थलों पर केंद्रित थी। इजरायल, ईरान और इराक ने अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया और इसके बाद इजरायल ने ईरान पर हवाई हमले किए। ईरान की राजधानी तेहरान में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं, लेकिन ईरान के सरकारी मीडिया ने कहा कि हमलों में कोई वास्तविक नुकसान नहीं हुआ है। अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन ने भी कहा कि इस हमले में अमेरिका शामिल नहीं था। इजरायली रक्षा बल (IDF) ने कहा कि ईरान महीनों से इजरायल के खिलाफ मिसाइल हमले कर रहा था और ये हमले उन हमलों के जवाब में किए गए थे। सह-पायलट इजरायल ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया: तेहरान में विस्फोट सुबह-सुबह हवाई हमलों की एक श्रृंखला में, इजरायल ने तेहरान और कई अन्य शहरों में स्थित स्थानों सहित ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इजरायली रक्षा बल (IDF) के अनुसार, ये ऑपरेशन ईरान द्वारा इजरायल पर बार-बार किए गए मिसाइल हमलों का सीधा जवाब थे। IDF ने इस बात पर जोर दिया कि ये हमले इजरायल की सुरक्षा के लिए आवश्यक थे। हमलों के बाद, ईरान ने एक मजबूत जवाबी कार्रवाई की धमकी दी, जिससे तनाव और बढ़ सकता है। शुरुआती हमले ईरानी वायु रक्षा प्रणालियों पर केंद्रित थे, जबकि बाद की लहरों ने मिसाइल और ड्रोन ठिकानों के साथ-साथ उत्पादन सुविधाओं को भी निशाना बनाया। जवाब में, इजरायल, ईरान और इराक ने अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया, अगली सूचना तक सभी उड़ानें रद्द कर दीं। विस्फोटों की गूंज पूरे तेहरान में सुनाई दी, हालांकि ईरान के सरकारी मीडिया ने कोई खास नुकसान नहीं होने की खबर दी। अमेरिकी रक्षा विभाग के मुख्यालय पेंटागन ने पुष्टि की कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने इन हमलों में भाग नहीं लिया। आईडीएफ अधिकारियों ने इस बात पर प्रकाश डाला कि ईरान कई महीनों से इजरायल के खिलाफ मिसाइल हमले कर रहा था, जिसके कारण यह सैन्य प्रतिक्रिया हुई।
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नहीं चलेगी वक्फ बोर्ड की 'मनमानी', अधिकारों पर लगाम लगाने की तैयारी में सरकार

नहीं चलेगी वक्फ बोर्ड की 'मनमानी', अधिकारों पर लगाम लगाने की तैयारी में सरकार

मोदी सरकार इस बिल के जरिए वक्फ बोर्डों के उस अधिकार पर लगाम लगाना चाहती है, जिसके तहत वक्फ बोर्ड किसी भी संपत्ति को वक्फ बोर्ड की संपत्ति घोषित कर देते हैं.

◆  वक़्फ़ बोर्ड एक ऐसा मुस्लिम बोर्ड हैं जो जब चाहे तब किसी की भी संपत्ति छीन सकता है।
◆  1964 में नेहरू ने वक्फ बोर्ड बनाए, जो एक "देश के अंदर देश" बन चुका है।
◆  सेना और रेलवे के बाद, वक्फ बोर्ड ही ऐसा संस्थान है जिसके पास सबसे ज्यादा जमीन है।
◆  रेलवे एवं सेना के बाद सबसे ज्यादा लगभग 8 लाख एकड़ से ज्यादा भूमि वक़्फ़ बोर्ड के पास है।
◆  वक़्फ़ एक्ट के अनुसार वक्फ बोर्ड के सभी सदस्य मुस्लिम होते हैं। जो भारतीय संविधान, कानून और सुप्रीम कोर्ट से भी अधिक शक्तिशाली है।
◆  अगर वक्फ बोर्ड आपको ये नोटिस भेजता है कि आपकी संपत्ति वक्फ की है तो आप भारत के किसी भी कोर्ट में नहीं जा सकते। फैसला वक्फ बोर्ड ही करेगा जिसे आप सुप्रीम कोर्ट सहित किसी भी कोर्ट में चुनौती नहीं दे सकते हैं।

वक्फ बोर्ड एक्ट संशोधन बिल कल संसद में पेश हो सकता है. बिल में वक्फ बोर्ड की ताकत को कम करने की बात कही गई है. इस समय देश भर में 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 30 वक्फ बोर्ड हैं.

◆  कैबिनेट ने वक्फ अधिनियम में करीब 40 संशोधनों को मंजूरी दे दी है.
◆  वक्फ अधिनियम में संशोधन करने वाला विधेयक इसी हफ्ते संसद में पेश किए जाने की उम्मीद है.
◆ मोदी सरकार वक्फ एक्ट में संशोधन बिल 5 अगस्त को संसद में पेश कर सकती है.
◆  संसद में इस बिल के पास होने के बाद वक्फ बोर्ड के अधिकारों में कटौती होगी.
◆ वक्फ बोर्ड किसी भी संपत्ति को अपनी संपत्ति घोषित करने से परहेज करेंगे.
◆ मोदी सरकार द्वारा प्रस्तावित प्रमुख संशोधनों में वक्फ बोर्डों का पुनर्गठन, बोर्डों की संरचना में बदलाव और बोर्ड द्वारा वक्फ की संपत्ति घोषित करने से पहले उसका सत्यापन सुनिश्चित करना शामिल है.
◆  विधेयक में सेंट्र वक्फ काउंसिल और स्टेट वक्फ बोर्डों की संरचना को बदलने के लिए वक्फ एक्ट की धारा 9 और धारा 14 में संशोधन करने का प्रस्ताव है, ताकि निकायों में महिलाओं के लिए प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जा सके.
◆ मोदी सरकार के विधेयक में स्टेट वक्फ बोर्डों द्वारा दावा की गई विवादित जमीन के नए सत्यापन की मांग करने का भी प्रस्ताव है.
◆ विधेयक में वक्फ बोर्डों द्वारा जिस संपत्तियों पर दावा किया जाएगा, उसको अनिवार्य रूप से सत्यापित किया जाएगा.

पिछले साल मई में दिल्ली हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि केंद्र सरकार उन 123 संपत्तियों का फिजिकल इंसपेक्शन कर सकती है, जिनके कब्जे का दावा दिल्ली वक्फ बोर्ड कर रहा है. इसके बाद पिछले साल अगस्त में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने इन सभी संपत्तियों को नोटिस भी जारी किया. इस समय देश भर में 28 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 30 वक्फ बोर्ड हैं.

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